कर्नाटक: भाजपा ने कांग्रेस पर उठाए सवाल, विशेष अल्पसंख्यक समूह को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन पर किया तीखा हमला
मुख्य बातें
- •कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विशेष अल्पसंख्यक समूहों को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता जताई।
- •भाजपा ने शिवकुमार के बयान को लेकर कांग्रेस सरकार पर संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
- •शिवकुमार ने स्पष्ट नहीं किया कि कौन से विशेष अल्पसंख्यक समूह हैं और उन्हें कितना आरक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।
- •भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए संविधान में फेरबदल कर रही है।
कर्नाटक में राजनीतिक गलियारों में गर्माहट बढ़ गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा एक विशेष अल्पसंख्यक समूह को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता जताने के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिवकुमार के इस बयान को लेकर भाजपा नेता लगातार निशाने पर हैं और उन्हें संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
शिवकुमार ने हाल ही में एक सार्वजनिक सभा addressed करते हुए कहा था कि राज्य सरकार विशेष अल्पसंख्यक समूहों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार से संविधान संशोधन कराने की मांग करेगी। उनका यह बयान तब सामने आया जब राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच आरक्षण की मांग तेज हो रही है। हालांकि, शिवकुमार ने स्पष्ट नहीं किया कि कौन से विशेष अल्पसंख्यक समूह हैं और उन्हें कितना आरक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।
भाजपा ने शिवकुमार के इस बयान को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार संविधान के मूल सिद्धांतों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए संविधान में फेरबदल करने की बात कर रही है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए खतरनाक है।" भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए संविधान का दुरुपयोग कर रही है।
