कर्नाटक में कांग्रेस का गठबंधन बदलाव: शिवकुमार को मुख्यमंत्री, क्या राहुल गांधी की 'हाईकमान संस्कृति' का विस्तार?

मुख्य बातें
- •कर्नाटक में सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया है, जिसे राहुल गांधी की 'हाईकमान संस्कृति' का विस्तार माना जा रहा है।
- •राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर चले आंतरिक विवादों के बाद कर्नाटक में पार्टी नेतृत्व ने पूर्ण नियंत्रण रखा।
- •डीके शिवकुमार का राजनीतिक करियर मजबूत है और पार्टी संगठन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
- •भाजपा सहित विपक्षी दलों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे 'लोकतंत्र की कमी' बताया है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद राज्य में कांग्रेस सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पिछले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के स्थान पर अब डीके शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इस निर्णय को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर और बाहर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह फैसला राहुल गांधी की 'हाईकमान संस्कृति' का एक और उदाहरण है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राज्य स्तर पर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर काफी विवाद देखने को मिले थे। राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चले विवाद ने पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित किया था, जबकि छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद स्पष्ट रूप से उजागर हुए थे। इन राज्यों में आंतरिक संघर्ष को देखते हुए कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर पार्टी नेतृत्व ने पूरी तरह से नियंत्रण रखा। सिद्धारमैया, जो पिछले पांच वर्षों से मुख्यमंत्री थे, को हटाकर शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी अब राज्य स्तर पर भी 'हाईकमान संस्कृति' को लागू कर रही है।






