टीवी इतिहास का महाकाव्य: 'देवों के देव महादेव' ने कैसे छू लिया दुनिया के दिलों को

मुख्य बातें
- •'देवों के देव महादेव' टीवी शो 2011 में शुरू हुआ और 2014 तक प्रसारित हुआ।
- •निर्देशक हार्दिक गुज्जर ने बाद में 7 मई, 2026 को रिलीज हुई फिल्म 'कृष्णावतारम' (भाग-1) का भी निर्देशन किया।
- •मोहित रैना ने 52 किरदार निभाए और सोनारिका भदौरिया ने माता पार्वती की भूमिका निभाई।
- •शो को 8 भाषाओं में डब किया गया, जिसमें बंगाली, तमिल, मलयालम, उड़िया, तेलुगु, असमिया, मराठी और इंडोनेशियाई शामिल हैं।
भारतीय टेलीविजन जगत में कुछ शो ऐसे हुए हैं जिन्होंने न सिर्फ देश, बल्कि पूरे विश्व के दर्शकों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इनमें से एक ऐसा ही शो था ‘देवों के देव महादेव’, जिसने भगवान शिव की गाथा को इतने भव्य और भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया कि आज भी लोग इसे बड़े प्यार और सम्मान से याद करते हैं। यह शो 2011 में शुरू हुआ था और 2014 तक लगातार प्रसारित होता रहा। इसके निर्देशक थे हार्दिक गुज्जर, जिन्होंने बाद में 7 मई, 2026 को रिलीज हुई चर्चित फिल्म ‘कृष्णावतारम’ (भाग-1) का भी निर्देशन किया। यह फिल्म भी दर्शकों द्वारा काफी पसंद की गई है।
‘देवों के देव महादेव’ के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रेम कहानी, उनके त्याग, शक्ति और भव्यता को इतने खूबसूरत तरीके से दिखाया गया कि हर उम्र के दर्शकों ने इसे दिल से अपनाया। इस शो में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले मोहित रैना रातोंरात स्टार बन गए थे। उन्होंने पूरे शो में कुल 52 अलग-अलग किरदार निभाए, जबकि सोनारिका भदौरिया ने माता पार्वती की भूमिका में लोगों के दिलों पर राज किया। इस शो की सबसे बड़ी खासियत इसका भव्य सेट, दमदार स्क्रीनप्ले और भावनात्मक प्रदर्शन था। उस दौर में टीवी पर इतने बड़े स्तर का विजुअल इफेक्ट और सिनेमैटिक अनुभव बहुत कम देखा गया था, जिस कारण यह शो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की पसंद बना।






