कुशीनगर में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के नए अलाइनमेंट का तीखा विरोध
मुख्य बातें
- •कुशीनगर के locals ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित नए अलाइनमेंट का किया विरोध।
- •locals का आरोप है कि सरकार ने बिना पर्याप्त जन सुनवाई किए ही प्रस्ताव रखा, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट उत्पन्न हुआ।
- •locals ने बताया कि उनकी जमीनें अधिग्रहित की जाएंगी, जिससे उन्हें पुनर्वास की समस्या होगी।
- •सरकारी अधिकारियों ने locals की चिंताओं को समझने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
पूर्वांचल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर चल रहे प्रयासों के बीच गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित नए अलाइनमेंट को लेकर कुशीनगर में तीखा विरोध देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों, किसानों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस नए मार्ग से उनके खेत, आवास और धार्मिक स्थल प्रभावित होंगे, जिसके कारण उन्हें आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान locals ने बताया कि उन्हें अधिकारियों द्वारा इस परियोजना की जानकारी दिए जाने के बाद ही पता चला। कई ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने बिना पर्याप्त जन सुनवाई किए ही इस मार्ग का प्रस्ताव रखा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट उत्पन्न हो गया है। कुशीनगर जिले के विभिन्न गांवों से स्थानीय लोगों ने कहा कि नए अलाइनमेंट के कारण उनकी जमीनें अधिग्रहित की जाएंगी, जिससे उन्हें मुआवजा मिलने के बावजूद पुनर्वास की समस्या होगी।
स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई बैठकें और प्रदर्शन आयोजित किए हैं। उनका कहना है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए locals की सहमति और उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और locals की चिंताओं को दूर करने की अपील की है।
