पीतमपुरा में मदरसे की दीवार गिराए जाने पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली पुलिस से की कार्रवाई की मांग

मुख्य बातें
- •जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पीतमपुरा में मदरसे की दीवार गिराए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस से विधायक करनैल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
- •संगठन का आरोप है कि विधायक द्वारा किया गया दावा कि गिराया गया ढांचा मदरसे या मस्जिद का हिस्सा था, पूरी तरह निराधार है।
- •विधायक के बयानों को भड़काऊ बताया गया, जिससे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है।
- •पुलिस से मांग की गई कि गिराए गए ढांचे की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा मस्जिद में नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल। पीतमपुरा (शकूर बस्ती) स्थित रामलीला ग्राउंड के निकट हाल ही में एक मदरसे की दीवार गिराए जाने के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली पुलिस से हस्तक्षेप की मांग करते हुए सोमवार को रानी बाग थाने में एसीपी मंगोलपुरी मुरारी लाल से मुलाकात की। संगठन के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना पर अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया और स्थानीय विधायक करनैल सिंह द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों की कड़ी निंदा की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सौंपे। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि विधायक करनैल सिंह द्वारा किए गए दावे कि गिराया गया ढांचा किसी मदरसे या मस्जिद का हिस्सा था, पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। संगठन का कहना है कि उक्त ढांचा न तो किसी मस्जिद का और न ही मदरसे का हिस्सा था, बल्कि इसे जानबूझकर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने और आम जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया था।
