लखनऊ विश्वविद्यालय बना स्वयं-एनपीटीईएल का स्थानीय अध्याय, ऑनलाइन शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्य बातें
- •लखनऊ विश्वविद्यालय को स्वयं-एनपीटीईएल के स्थानीय अध्याय के रूप में मान्यता मिली।
- •इस पहल से ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दूरस्थ शिक्षार्थियों को लाभ होगा।
- •विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं-एनपीटीईएल के पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा।
- •कुलपति प्रो. रामजी सिंह ने इसे शिक्षा में नवाचार का कदम बताया।
- •यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और युवाओं को कौशल विकास में मदद करेगी।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राज्य के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शुमार लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) ने स्वयं-एनपीटीईएल कार्यक्रम के तहत स्थानीय अध्याय के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है। यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य में ऑनलाइन शिक्षा को और सुदृढ़ बनाना है। स्वयं-एनपीटीईएल, जिसे स्वतंत्र रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए जाना जाता है, अब लविवि के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
इस पहल के तहत लविवि स्वयं-एनपीटीईएल के पाठ्यक्रमों का संचालन करेगा, जिससे विद्यार्थियों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इससे न केवल पारंपरिक कक्षा शिक्षा को अतिरिक्त सहायता मिलेगी, बल्कि दूरस्थ शिक्षार्थियों को भी लाभ होगा। इसके अलावा, यह अध्याय स्थानीय स्तर पर विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रमों और वेबिनारों का आयोजन करेगा, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ेगा।
