महाराष्ट्र: पेपरलेस ट्रैकवर्क में ट्रैकमैन 50 डिग्री की तपिश में बेहाल, मूलभूत सुविधाओं की कमी
मुख्य बातें
- •महाराष्ट्र में पेपरलेस ट्रैकवर्क प्रणाली लागू होने के कारण ट्रैकमैन अत्यधिक गर्मी में कार्य करने को मजबूर हैं।
- •ट्रैकमैन को 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पर्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
- •ट्रैकमैन को पेयजल, छाया और सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट और ग्लव्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
- •रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे ट्रैकमैन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण इसमें समय लग रहा है।
महाराष्ट्र में भारतीय रेलवे द्वारा लागू की गई पेपरलेस ट्रैकवर्क प्रणाली के कारण ट्रैकमैन अत्यधिक गर्मी में कार्य करने को मजबूर हैं। हाल ही में हुई एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न रेलवे जोनों में तैनात ट्रैकमैन को 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया और सुरक्षा उपकरणों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
एक ट्रैकमैन ने बताया कि पेपरलेस प्रणाली के कारण उन्हें अधिक समय तक धूप में खड़ा रहना पड़ता है, क्योंकि अब उन्हें कागजी कार्यवाही में कम समय लगता है, लेकिन इससे उनके कार्य का बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा, "हम दिन भर धूप में खड़े रहते हैं, लेकिन न तो पर्याप्त पानी मिलता है और न ही कोई छाया।" इसके अलावा, उन्हें सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट और ग्लव्स भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
