मुजफ्फरपुर के लीची किसानों की मुश्किल: मौसम की मार से 70% तक गिरा उत्पादन, दोगुनी हो गई कीमतें
मुख्य बातें
- •मुजफ्फरपुर में लीची उत्पादन में 70% की गिरावट आई है, जिससे बाजार में लीची की कमी हो गई है।
- •अप्रैल-मई में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने लीची की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है।
- •लीची की कीमतें सामान्य से दोगुनी हो गई हैं, जो पिछले साल 40-50 रुपये प्रति किलो थी, अब 80-100 रुपये प्रति किलो हो गई है।
- •किसानों को भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए फसल बीमा और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लीची की खेती करने वाले किसानों के सामने इस बार मौसम की मार पड़ गई है। लगातार बारिश, ओलावृष्टि और अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन के कारण लीची के उत्पादन में भारी गिरावट आई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार उनका उत्पादन पिछले साल की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। ऐसे में बाजार में लीची की उपलब्धता कम हो गई है, जिसके कारण इसकी कीमतें सामान्य से दोगुनी हो गई हैं।
मुजफ्फरपुर जिले में लीची की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, और यहां की लीची देश-विदेश में प्रसिद्ध है। हालांकि, इस बार अप्रैल-मई महीने में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि फरवरी-मार्च में हुई बारिश ने जहां फूल आने की प्रक्रिया को प्रभावित किया, वहीं अप्रैल में हुई ओलावृष्टि ने तोड़कर रख दिया। मुजफ्फरपुर लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह ने बताया कि इस बार उत्पादन में इतनी गिरावट पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर यहां से करीब 2 लाख टन लीची का उत्पादन होता था, लेकिन इस बार यह घटकर मात्र 60 हजार टन रह गया है।




