यूएन वीमेन का 15वाँ स्थापना दिवस: 'महिलाओं द्वारा, महिलाओं के लिए' का संदेश
मुख्य बातें
- •यूएन वीमेन की स्थापना 2010 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण है।
- •संगठन ने पिछले 15 वर्षों में लाखों महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच बनाई है।
- •'गेपोलिटिक्स' अभियान के तहत राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
- •'फेमिनिस्ट रिकवरी प्लान' के माध्यम से महामारी के बाद महिलाओं की स्थिति सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।
संयुक्त राष्ट्र की एक प्रमुख एजेंसी, यूएन वीमेन ने हाल ही में अपनी 15वीं स्थापना वर्षगाँठ मनाई। 2010 में स्थापित इस संगठन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर यूएन वीमेन ने अपने 'महिलाओं द्वारा, महिलाओं के लिए' के सिद्धांत को पुनः स्थापित किया, जो महिलाओं के नेतृत्व और उनके अधिकारों की रक्षा पर जोर देता है।
यूएन वीमेन की महासचिव सिमा बहौस ने इस मौके पर कहा, "पिछले 15 वर्षों में हमने लैंगिक समानता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।" उन्होंने बताया कि संगठन ने दुनिया भर में लाखों महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच बनाई है, उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों से जोड़ा है। इसके साथ ही, उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की भी सराहना की।
इस वर्षगाँठ के दौरान, यूएन वीमेन ने अपने 'गेपोलिटिक्स' अभियान का भी उल्लेख किया, जो महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर केंद्रित है। संगठन ने बताया कि दुनिया भर में केवल 26% महिलाएं ही राष्ट्रीय संसदों में प्रतिनिधित्व करती हैं। इस असमानता को दूर करने के लिए यूएन वीमेन लगातार प्रयासरत है।



