कोलकाता में ममता बनर्जी के धरने पर राजनीतिक हंगामा; सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी, यूपी में बिजली बिल पर रोक

मुख्य बातें
- •पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी द्वारा आयोजित किये जाने वाले धरने को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा, पुलिस ने अभी तक अनुमति नहीं दी।
- •ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद भी धरना आयोजित किया जाएगा।
- •सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद, वेबसाइट के दोबारा चालू होने के बाद अधिकारियों ने तैयारी तेज कर दी।
- •उत्तर प्रदेश में 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली टैरिफ को अवैध घोषित करते हुए नियामक आयोग ने यूपीपीसीएल को सात दिनों में जवाब मांगा।
- •राज्य में राजनीतिक दलों के बीच धरने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
- •सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद।
- •यूपी में बिजली बिलों पर रोक से आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ से मुक्ति मिलने की संभावना।
कोलकाता, 2 जून 2026 — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किये जाने वाले धरने को लेकर राज्य में राजनीतिक हंगामा तेज हो गया है। टीएमसी नेताओं पर चुनाव के बाद हुए हमलों के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया जाना था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस आयोजन को अनुमति नहीं दी है, लेकिन ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद भी यह धरना आयोजित किया जाएगा। उनकी इस घोषणा से राज्य में राजनीतिक गतिरोध बढ़ गया है।






