मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे पाटिल ने फिर शुरू की भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव बढ़ाया

मुख्य बातें
- •मनोज जरांगे पाटिल ने 30 मई से अंतर्वाली सारती में आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की।
- •सरकार ने मराठा आरक्षण उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल को मुख्यमंत्री से मिलने भेजा।
- •विखे पाटिल शुक्रवार को जरांगे पाटिल से भी बैठक करेंगे।
- •मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की तैयारी और जरांगे पाटिल के आमरण अनशन से आंदोलन तेज हो गया है।
- •मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मराठा आरक्षण के मुद्दों पर सकारात्मक रुख रखते हैं, ऐसा विखे पाटिल ने कहा।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। मराठा आरक्षण राहत समिति के प्रमुख मनोज जरांगे पाटिल ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर घोषणा की कि वे 30 मई से अंतर्वाली सारती में आमरण अनशन शुरू करेंगे। जरांगे ने कहा कि सरकार को दस महीने का समय दिया गया था, जो 29 मई को पूरा हो जाएगा। उन्होंने पूछा कि सरकार को और कितना समय दिया जाना चाहिए। जरांगे ने कहा, “मराठा समाज के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है, इसलिए अब हमें कड़ा रुख अपनाना होगा।”
गुरुवार को मनोज जरांगे पाटिल की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। मराठा आरक्षण उप-समिति के अध्यक्ष और जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल मुंबई के लिए रवाना हो गए। विखे पाटिल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद वे शुक्रवार दोपहर 12 बजे छत्रपति संभाजीनगर पहुंचेंगे। वहां वे संभागीय आयुक्त कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।






