मथुरा के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य पर बच्चों से कराई नमाज़, बोर्ड ने किया निलंबन, जांच शुरू
मुख्य बातें
- •मथुरा जनपद के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य पर बच्चों से नमाज़ पढ़वाने के गंभीर आरोप लगे।
- •बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने प्रधानाचार्य को तुरंत निलंबित कर दिया और जांच के आदेश दिए।
- •विद्यालय में सामूहिक नमाज़ आयोजित किए जाने के आरोप पर बच्चों के माता-पिता ने व्यक्त की चिंता।
- •बीएसए कार्यालय ने शिक्षा में धर्मनिरपेक्षता का पालन सुनिश्चित करने और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया।
मथुरा जनपद में स्थित एक सरकारी विद्यालय में धार्मिक अनुष्ठान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां के प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने स्कूल में बच्चों से नमाज़ पढ़वाई। इस मामले की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है। साथ ही, इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना मथुरा जनपद के अंतर्गत आने वाले एक सरकारी स्कूल में घटी। आरोप लगाने वाले व्यक्तियों का कहना है कि प्रधानाचार्य ने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को एकत्रित कर उनके माध्यम से सामूहिक नमाज़ का आयोजन कराया। हालांकि, विद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन बीएसए कार्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, निलंबन के बाद एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया है जो मामले की सच्चाई का पता लगाएगी।
विद्यालय में पढ़ने वाले कुछ बच्चों के माता-पिता ने भी इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि स्कूल में धार्मिक गतिविधियों का आयोजन बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके मानसिक विकास पर भी असर डाल सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में पारदर्शिता बरतने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
