दिल्ली जिमखाना क्लब का 150 साल पुराना इतिहास, सरकार के आदेश के बाद बंद होने को तैयार

मुख्य बातें
- •दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना 1877 में हुई थी और यह 150 साल पुराना इतिहास रखता है।
- •क्लब में लगभग 600 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें सरकार के आदेश के बाद नौकरी जाने का खतरा है।
- •क्लब की सदस्यता इतनी प्रतिष्ठित रही है कि सदस्यता प्राप्त करने के लिए 30 साल तक इंतजार करना पड़ता था।
- •सरकार के आदेश का मुख्य कारण जमीन विवाद बताया जा रहा है, जिसके चलते क्लब को खाली करने का आदेश दिया गया है।
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2024: केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। यह क्लब अपने 150 साल पुराने इतिहास और विशिष्ट सदस्यता के लिए जाना जाता है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में स्थित जिमखाना क्लबों का इतिहास भारतीय खेल और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण रहा है। अब सरकार के इस आदेश के बाद दिल्ली जिमखाना क्लब का अस्तित्व समाप्त होने वाला है।
दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना 1877 में हुई थी और तब से यह भारतीय अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों के मिलन स्थल के रूप में जाना जाता रहा है। क्लब में लगभग 600 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें अब नौकरी जाने का खतरा है। क्लब की सदस्यता इतनी प्रतिष्ठित रही है कि इसकी सदस्यता प्राप्त करने के लिए सदस्यों को 30 साल तक इंतजार करना पड़ता था। इतना ही नहीं, इस क्लब की सदस्यता को लाखों रुपये देकर भी प्राप्त नहीं किया जा सकता था, क्योंकि सदस्यता केवल आमंत्रण पर ही मिलती थी।






