तमिलनाडु: 17 वर्षीय छात्रा की दरिंदगी और हत्या के आरोपी को 77 दिन में मिली दोहरी फांसी की सजा, पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

मुख्य बातें
- •थूथुकुडी में 17 साल की छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी मुनीस्वरन को 77 दिन में दोहरी फांसी की सजा।
- •पीड़िता का शव नहर के किनारे मिला था, जिसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- •पॉक्सो कोर्ट ने सबूतों के आधार पर मुनीस्वरन को कठोरतम सजा सुनाई।
- •अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ भी मामला चल रहा है, जिनमें आजीवन कारावास और 20 साल की सजा की संभावना।
- •पीड़िता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फैसले की सराहना की।
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में हुए एक जघन्य अपराध मामले में पॉक्सो (POCSO) विशेष न्यायालय ने इतिहास रच दिया है। महज़ 77 दिनों के भीतर अदालत ने मुख्य आरोपी मुनीस्वरन को दोहरी फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पूरे देश में पॉक्सो अधिनियम के तहत इतने तेज़ी से सुनाए गए दुर्लभ फैसलों में से एक है।
मामले की शुरुआत 17 वर्षीय स्कूली छात्रा के लापता होने से हुई थी, जिसका शव 2024 की शुरुआत में एक नहर के किनारे मिला। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मुख्य आरोपी मुनीस्वरन सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर पीड़िता के साथ दरिंदगी करने और उसकी हत्या करने का आरोप लगाया गया। सबूतों के तौर पर सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूतों का इस्तेमाल किया गया।
