मराठा आरक्षण के समर्थन के बीच जरांगे पाटील ने सीएम से बैठक की मांग उठाई
मुख्य बातें
- •मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील ने मुख्यमंत्री से बैठक की मांग उठाई है।
- •जरांगे पाटील का आरोप है कि राज्य सरकार मराठा समुदाय की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
- •मराठा आरक्षण का मुद्दा राज्य में वर्षों से चर्चा का विषय रहा है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
- •मराठा समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 30% हिस्सा है, जिसके चलते राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर होड़ लग गई है।
नागपुर, महाराष्ट्र। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर राज्य में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक उठापटक के बीच मराठा आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज जरांगे पाटील ने एक बार फिर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलने की मांग उठाई है। जरांगे पाटील का कहना है कि राज्य सरकार मराठा समुदाय की मांगों पर ध्यान दे और उनके नेतृत्व में चल रहे आंदोलन पर समाधान निकाला जाए। उनका तर्क है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा राज्य की राजनीति और समाज में गहरे तक पैठ बना चुका है, जिसके समाधान के लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी चाहिए।
जरांगे पाटील ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मराठा समुदाय को पिछले कई वर्षों से आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है, लेकिन राज्य सरकार इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल राजनीतिक दांवपेच कर रही है और समुदाय की वास्तविक चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही। जरांगे पाटील ने आगे कहा कि अगर सरकार जल्द ही इस मामले पर ध्यान नहीं देगी तो मराठा समुदाय के आंदोलन और तीव्र हो सकते हैं, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।




