कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, 8 साल तक संभाली थी कुर्सी; जानिए उनका पूरा सफर

मुख्य बातें
- •सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
- •उन्होंने कुल 8 वर्षों तक मुख्यमंत्री पद संभाला और डी देवराज उर्स के रिकॉर्ड को तोड़ा।
- •राजनीतिक करियर में नौ बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले सिद्धारमैया विभिन्न दलों के तहत चुनाव लड़े।
- •उनके कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था और MUDA जमीन अलॉटमेंट विवाद जैसे मुद्दे भी सामने आए।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सिद्धारमैया दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे और उन्होंने कुल 8 वर्षों तक इस पद पर कार्य किया। उनका जन्म 3 अगस्त 1947 को हुआ था और उन्हें आमतौर पर 'सिद्दू' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक राज्य के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इससे पहले वे 2013 से 2018 तक भी मुख्यमंत्री रह चुके थे। सिद्धारमैया ने जनवरी 2026 में डी देवराज उर्स के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल किया।
सिद्धारमैया का राजनीतिक सफर काफी लंबा और विविधतापूर्ण रहा है। उन्होंने 1983 में चामुंडेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने जनता पार्टी की सरकार में कन्नड़ और संस्कृति, पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। वे जेएच पटेल (1996-1999) और धर्मसिंह (2004-2005) की सरकारों में राज्य के उपमुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने 2008 से 2013 और 2019 से 2023 तक भाजपा सरकारों के दौरान विपक्ष के नेता के रूप में भी कार्य किया। राजनीतिक करियर में नौ बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले सिद्धारमैया ने विभिन्न राजनीतिक दलों के तहत चुनाव लड़ा है। उन्होंने 1983 में निर्दलीय, 1985 में जनता पार्टी, 1994 में जनता दल, 2004 में जेडीएस, 2008 और 2013 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की।






