नौतपा क्या होता है? जानिए इस शब्द का अर्थ, वैज्ञानिक कारण और महत्व

मुख्य बातें
- •नौतपा एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ नौ तारों द्वारा उत्पन्न गर्मी है।
- •यह अवधि लगभग 18-20 दिनों की होती है और आमतौर पर मई के अंत से जून के मध्य तक पड़ती है।
- •इस दौरान तापमान में वृद्धि होती है और लू चलने की संभावना बढ़ जाती है।
- •वैदिक काल से ही नौतपा का महत्व रहा है और किसानों के लिए इसका विशेष महत्व है।
हाल ही में आपने मौसम से जुड़े चर्चाओं में ‘नौतपा’ शब्द बार-बार सुना होगा। यह शब्द सुनने में भले ही डरावना लगे, लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक और खगोलीय घटना छिपी है। नौतपा दरअसल, नौ तारों की स्थिति में आने वाला एक विशेष कालखंड होता है, जो आमतौर पर गर्मियों के मौसम में पड़ता है। इस दौरान तापमान में अचानक वृद्धि होती है, जिससे गर्मी असहनीय हो जाती है। इसके बाद मानसून के आने की उम्मीद बढ़ जाती है।
नौतपा शब्द का उद्भव संस्कृत भाषा से हुआ है। ‘नव’ यानी नौ और ‘तप’ यानी तपना। इसका अर्थ है नौ तारों द्वारा उत्पन्न गर्मी। खगोल विज्ञान के अनुसार, नौतपा की अवधि लगभग 18-20 दिनों तक होती है। यह समय तब शुरू होता है जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र से होकर गुजरता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधी पड़ने के कारण पृथ्वी पर तापमान में वृद्धि होती है। वैदिक काल से ही भारतीय ज्योतिष में नौतपा का विशेष महत्व रहा है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किए गए प्रयासों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
