एनडीटीवी पड़ताल: शिमला में वायरल हुए ‘भीषण ट्रैफिक जाम’ के पीछे की असल कहानी क्या है?

मुख्य बातें
- •सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को ‘भीषण जाम’ बताने वाली मीडिया रिपोर्ट्स पुलिस द्वारा अतिशयोक्ति बताया गया
- •पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक स्थिति नियंत्रण में थी, सामान्य से थोड़ा अधिक व्यस्त था
- •शिमला में ट्रैफिक जाम की समस्या पहाड़ी शहर की आम समस्या है, खासकर पर्यटक सीजन में
- •स्थानीय लोगों ने भी बताया कि स्थिति गंभीर नहीं थी, सरकार और पुलिस द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं
हिमाचल प्रदेश के शिमला में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा था, जिसमें लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति दिखाई गई थी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसे ‘भीषण जाम’ बताते हुए लोगों की परेशानी पर जोर दिया गया। लेकिन क्या वाकई शिमला में इतनी गंभीर स्थिति थी? इसी सवाल का जवाब तलाशने पहुंची एनडीटीवी की पड़ताल टीम।
टीम ने सबसे पहले शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस दौरान शिमला में सामान्य से थोड़ा अधिक ट्रैफिक अवश्य था, लेकिन उसे ‘भीषण जाम’ कहना अतिशयोक्ति है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक की स्थिति नियंत्रण में थी और पुलिस द्वारा समय-समय पर ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे थे।
