ऑफिस में हाजिरी और काम की निगरानी करने वाले ऐप्स कर्मचारियों का निजी डेटा रिकॉर्ड कर रहे हैं और गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियों के साथ साझा कर रहे हैं

मुख्य बातें
- •ऑफिस में हाजिरी और काम की निगरानी करने वाले ऐप्स कर्मचारियों का निजी डेटा रिकॉर्ड कर रहे हैं और गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियों के साथ साझा कर रहे हैं।
- •कई लोकप्रिय वर्कप्लेस मॉनिटरिंग ऐप कर्मचारियों की जानकारी गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के साथ शेयर कर रहे हैं।
- •लोकेशन ट्रैकिंग ने बढ़ाई चिंता स्टडी में यह भी सामने आया कि कई बॉसवेयर ऐप कर्मचारियों की सटीक लोकेशन ट्रैक करने में सक्षम हैं।
- •रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि वर्कप्लेस को “अनचेक्ड सर्विलांस” का नया केंद्र नहीं बनने देना चाहिए।
ऑफिस में हाजिरी और काम की निगरानी करने वाले ऐप्स अब सिर्फ कर्मचारियों की एक्टिविटी ही नहीं देख रहे, बल्कि उनका निजी डेटा भी रिकॉर्ड कर रहे हैं। एक नई स्टडी में यह खुलासा किया गया है कि कई लोकप्रिय वर्कप्लेस मॉनिटरिंग ऐप कर्मचारियों की जानकारी गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के साथ शेयर कर रहे हैं। इसमें नाम, ईमेल, लोकेशन और डिवाइस डेटा तक शामिल है।
कोलंबिया लॉ स्कूल, नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी, वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले के रिसर्चर्स ने 9 लोकप्रिय वर्कप्लेस मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म की जांच की। इनमें हबस्टाफ, टाइम डॉक्टर, डेप्युटी, मोनिटास्क और डेस्कलॉग जैसे ऐप शामिल रहे। ये प्लेटफॉर्म कंपनियों को कर्मचारियों के काम के घंटे, स्क्रीनशॉट, कीबोर्ड एक्टिविटी, लोकेशन और प्रोडक्टिविटी ट्रैक करने की सुविधा देते हैं।




