सरकार ने सख्त किया फ्लाइट टिकट कैंसलेशन चार्ज का नियम, कंपनियों को देना होगा पूरा हिसाब

मुख्य बातें
- •सरकार फ्लाइट टिकट कैंसलेशन चार्ज पर सख्ती बरत रही है और जल्द ही नई गाइडलाइन जारी करेगी।
- •ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स द्वारा लगाए जाने वाले मनमाने चार्ज की होगी जांच।
- •एयरलाइंस और OTA को अपने चार्ज स्ट्रक्चर को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।
- •यात्रियों को अपनी वेबसाइट पर कैंसलेशन पॉलिसी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश।
- •इस कदम से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत और बढ़ेगी पारदर्शिता।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय अब हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत देने जा रहा है। फ्लाइट टिकट कैंसलेशन चार्ज को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स (OTA) द्वारा लगाए जाने वाले मनमाने कैंसलेशन चार्ज की जांच होगी। यह कदम आम मुसाफिरों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा, क्योंकि कई बार टिकट कैंसल करते ही यात्रियों की जेब पर भारी मार पड़ जाती है।
सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम कोविड-19 महामारी के बाद हवाई यात्रा में आई तेजी को देखते हुए लिया गया है। दरअसल, कई बार देखा गया है कि एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट्स कैंसलेशन चार्ज के नाम पर मनमानी रकम वसूल रहे हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब सरकार इन कंपनियों से पूरे नियमों का पालन कराने के लिए कदम उठा रही है।






