यूपी की बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक वृद्धि: ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अखिलेश यादव पर किया पलटवार

मुख्य बातें
- •उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में पिछले सात वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिसमें पीक मांग, उत्पादन, वितरण और ट्रांसमिशन क्षमता में कई गुना वृद्धि शामिल है।
- •में 13,000 MW पीक मांग से बढ़कर अब 30,000 MW हो गई है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या 1.80 करोड़ से बढ़कर 3.70 करोड़ हो गई है।
- •तापीय बिजली उत्पादन 5,160 MW से बढ़कर 9,120 MW हो गया है, और राज्य के सभी गांवों एवं शहरों में 18 से 24 घंटे बिजली उपलब्ध है।
- •राज्य सरकार ने मेजा और मिर्जापुर में बड़ी तापीय परियोजनाओं को मंजूरी दी है, और ट्रांसमिशन क्षमता 39,000 MVA से बढ़ाकर 2 लाख MVA कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में हुए अभूतपूर्व सुधार और विकास को लेकर राज्य के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि हाल ही में अखिलेश यादव ने यूपी की बिजली व्यवस्था को कमजोर करार दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि जब भी आईना उठाएं, पहले खुद को देखें, फिर दूसरों को दिखाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अखिलेश को अपने शासनकाल (2012-17) के दौरान राज्य की बिजली व्यवस्था की स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए।






