विकसित भारत 2047: मोदी सरकार की 4.5 घंटे लंबी बैठक में नौ मंत्रालयों ने प्रस्तुत किए सुधार प्रस्ताव
मुख्य बातें
- •प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक 22 मई 2026 को 4.5 घंटे तक चली।
- •नौ मंत्रालयों ने अपने सुधार प्रस्ताव और रणनीतियां प्रस्तुत कीं, जिनका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- •बैठक में "ईज ऑफ लिविंग" और सरकारी सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि नागरिकों के जीवन को सरल एवं सुविधाजनक बनाया जा सके।
- •शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, डिजिटल इंडिया और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
- •प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रियों को विकास की प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों को शामिल करने का निर्देश दिया।
नई दिल्ली, 22 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जो कुल 4.5 घंटे तक चली। इस बैठक में नौ विभिन्न मंत्रालयों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित सुधार प्रस्तावों और रणनीतियों को प्रस्तुत किया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का राष्ट्रीय लक्ष्य था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर मंत्रियों को मार्गदर्शन देते हुए स्पष्ट किया कि "विकसित भारत 2047" केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है, जिसके लिए समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान, विभिन्न मंत्रालयों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सुधार और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों में सरकारी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, नागरिकों के जीवन को सरल बनाना तथा तकनीकी एवं बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से "ईज ऑफ लिविंग" अर्थात जीवन को आसान बनाने वाले सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल आर्थिक विकास को गति देना है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन को सुविधाजनक एवं सुलभ बनाना भी है। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा हुई, ताकि सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, कुशल एवं जनता के अनुकूल बनाई जा सकें।




