पंजाब में सरकारी स्कूलों में प्रवेश में 9 प्रतिशत गिरावट, आम आदमी पार्टी सरकार घिरी

मुख्य बातें
- •पंजाब में सरकारी स्कूलों में प्रवेश दर में 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो लगभग 1.76 लाख बच्चों के बराबर है।
- •वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या 19,65,651 से घटकर 17,34,353 रह गई है।
- •शिरोमणी अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में असफलता का आरोप लगाया है।
- •सरकारी प्रयासों के बावजूद मिड-डे मील और सुविधाओं की कमी जैसे कारणों से लोगों का विश्वास कम हो रहा है।
पंजाब में शिक्षा विभाग के ताज़ा आँकड़ों ने राज्य सरकार के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किये गये सुधारों और दावों के विपरीत, सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी और प्राथमिक स्तर पर बच्चों के प्रवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार, इस गिरावट का आँकड़ा लगभग 9 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जो पिछले तीन सालों में लगातार बढ़ रही है। यह आँकड़ा न केवल शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सरकार के लिए चुनौती बन गया है, खासकर पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में सरकारी स्कूलों में कुल 19,65,651 बच्चों ने प्रवेश लिया था। इसके अगले वर्ष 2024-25 में यह संख्या घटकर 19,10,058 रह गई, जो लगभग 55,593 बच्चों की कमी को दर्शाती है। वर्ष 2025-26 में यह गिरावट और भी तेज हो गई, जहाँ प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या घटकर मात्र 17,34,353 रह गई। इसका अर्थ है कि सिर्फ एक साल के भीतर लगभग 1,75,705 बच्चों ने सरकारी स्कूलों का रुख कम कर दिया है। आँकड़ों के अनुसार, यह गिरावट करीब 9 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों पर जनता के भरोसे में कमी को स्पष्ट करता है।






