पीएम आवास योजना से बदली वडोदरा के लोगों की जिंदगी, मोदी सरकार का दावा- मिला सम्मानजनक जीवन
मुख्य बातें
- •पीएम आवास योजना के तहत वडोदरा के लोगों को मिले पक्के मकान, बदली जिंदगी।
- •रामसिंह गढ़वी जैसों ने बताया कि योजना से मिली सब्सिडी से बना अपना घर।
- •में शुरू हुई पीएमएवाई, लक्ष्य था 2022 तक सभी को आवास, बाद में बढ़ाया गया 2024 तक।
- •जिला कलेक्टर ने बताया कि योजना से हजारों लोगों को मिला लाभ, आगे और विस्तार होगा।
गुजरात के वडोदरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत मिले पक्के मकानों ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है। पीएमएवाई के लाभार्थियों ने बताया है कि मोदी सरकार की इस योजना से न सिर्फ उन्हें रहने के लिए सुरक्षित आवास मिला है, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिला है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अपना घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे कच्चे मकानों या झुग्गियों से निकलकर पक्के मकानों में रहने लगे हैं।
वडोदरा के रहने वाले 55 वर्षीय रामसिंह गढ़वी ने बताया कि वह कई सालों से किराये के मकान में रह रहे थे और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पीएमएवाई के तहत उन्हें 6 लाख रुपये की सब्सिडी मिली, जिससे उन्होंने अपना घर बनाया। उनका कहना है कि अब उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल गई है और उन्हें अपने परिवार के साथ सम्मान से जीवन जीने का मौका मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य 2022 तक सभी को आवास उपलब्ध कराना था। हालांकि, बाद में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 2024 कर दिया गया। योजना के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोगों को आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक लाखों लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है और सरकार का दावा है कि योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
