पशु व्यापारी ने पूर्व थानाध्यक्ष पर वसूली का आरोप लगाया, पुलिस ने किया तस्करी का खुलासा
मुख्य बातें
- •पशु व्यापारी राजेश सिंह ने पूर्व थानाध्यक्ष पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया था।
- •पुलिस ने उसकी जांच के दौरान पशुओं की तस्करी में शामिल होने का खुलासा किया।
- •पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 120बी और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
- •पुलिस ने पशुओं की तस्करी रोकने के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के एक जिले में पशु व्यापारी द्वारा पूर्व थानाध्यक्ष पर वसूली का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दरअसल, यह पशु व्यापारी स्वयं पशुओं की तस्करी में शामिल पाया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय पशु व्यापारी ने थानाध्यक्ष पर मनमानी वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। हालांकि, पुलिस द्वारा जांच के दौरान पता चला कि पशु व्यापारी स्वयं अवैध गतिविधियों में लिप्त था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पशु व्यापारी द्वारा थानों में तैनात अधिकारियों को रिश्वत देने और मनमानी वसूली करने के आरोप लगाए गए थे। मगर जब पुलिस ने उसकी पृष्ठभूमि की जांच की, तो पता चला कि वह पशुओं की तस्करी में शामिल था। पुलिस ने बताया कि उसने बड़ी मात्रा में पशुओं को अवैध तरीके से राज्य के बाहर भेजने की कोशिश की थी। इसके अलावा, उसकी कई जगहों पर पशुओं की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों का भी पता चला है।
पुलिस ने पशु व्यापारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (वसूली), धारा 120बी (आपराधिक षडयंत्र) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (अवैध पशु व्यापार) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए पशु व्यापारी का नाम राजेश सिंह बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि राजेश सिंह पिछले कई महीनों से पशुओं की तस्करी में शामिल था और उसने पुलिस अधिकारियों को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी।
