'कुर्बानी' फिल्म की वह श्रद्धांजलि जिसने बना दिया प्रोपेगेंडा विवाद

मुख्य बातें
- •फिल्म ‘कुर्बानी’ (1980) में शुरुआती दृश्य में संजय गांधी को दी गई श्रद्धांजलि विवादों में रही।
- •फिल्म की कहानी प्रेम, दोस्ती और बलिदान पर आधारित है, जिसमें विनोद खन्ना ने अपने मित्र फिरोज खान की जान बचाने के लिए बलिदान दिया।
- •ज़ीनत अमान के कैबरे डांस और ग्लैमर ने फिल्म को सुपरहिट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- •फिल्म के गाने जैसे ‘आप जैसा कोई’, ‘लैला मैं लैला’ और ‘अल्लाह को प्यारी है कुर्बानी’ आज भी लोकप्रिय हैं।
- •फिल्म ने 2.5 करोड़ रुपए के बजट में 25 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की और उस वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।
सन 1980 में प्रदर्शित हुई फिल्म ‘कुर्बानी’ एक बार फिर चर्चा में है। उस दौर की मशहूर अभिनेत्री ज़ीनत अमान के ग्लैमर, विनोद खन्ना के एक्शन और फिरोज खान के निर्देशन ने इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट बना दिया था। लेकिन फिल्म के शुरूआती दृश्य में संजय गांधी को दी गई श्रद्धांजलि ने इसे विवादों में भी डाल दिया। करीब डेढ़ मिनट के इस दृश्य में संजय गांधी को ‘राजकुमार’ और ‘विनम्र नेता’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया था। फिल्म शुरू होने से पहले दिखाए गए इस दृश्य के कारण फिल्म को प्रोपेगेंडा फिल्म बताया जाने लगा। हालांकि फिल्म की मूल कहानी में संजय गांधी या उनके विचारों का कोई संबंध नहीं था।






