राघव चड्ढा पर भगवंत मान ने क्यों सुनाई कल्याण सिंह की कहानी, उमा भारती का भी किया जिक्र

मुख्य बातें
- •भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में बड़े नेता समय के साथ पार्टी से अलग हो जाते हैं।
- •उन्होंने कल्याण सिंह और उमा भारती का उदाहरण दिया, जिन्होंने भी समय के साथ अपनी पार्टी से अलग हो जाने का फैसला किया था।
- •भगवंत मान ने कहा कि राजनीति में एक नेता की व्यक्तिगत लोकप्रियता का महत्व नहीं है, बल्कि पार्टी का संगठन और कार्यकर्ता ही उसकी ताकत का आधार होते हैं।
- •राघव चड्ढा ने कहा कि भगवंत मान के विचारों से कोई फायदा नहीं है और उनकी पार्टी भी समय के साथ पार्टी से अलग हो जाएगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक सभा में कहा कि राजनीति में बड़े और लोकप्रिय नेता भी समय के साथ पार्टी से अलग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कल्याण सिंह और उमा भारती जैसे नेताओं की कहानी है, जिन्होंने भी समय के साथ अपनी पार्टी से अलग हो जाने का फैसला किया था।
भगवंत मान ने कहा, "राजनीति में बड़े नेता समय के साथ पार्टी से अलग हो जाते हैं, लेकिन अंत में संगठन ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।" उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में एक नेता की व्यक्तिगत लोकप्रियता का महत्व नहीं है, बल्कि पार्टी का संगठन और कार्यकर्ता ही उसकी ताकत का आधार होते हैं।
इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए, राघव चड्ढा ने कहा कि भगवंत मान के विचारों से कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को लगता है कि बड़े नेता पार्टी से अलग हो जाते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि भगवंत मान की पार्टी भी समय के साथ पार्टी से अलग हो जाएगी।






