रेल परिवहन से बदली जम्मू-कश्मीर की चेरी किसानों की किस्मत, मुंबई-बांद्रा पहुंची तो दोगुना हुआ मुनाफा
मुख्य बातें
- •भारतीय रेलवे द्वारा पहली बार जम्मू-कश्मीर की चेरी को मुंबई-बांद्रा मंडी तक रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट से पहुंचाया गया।
- •ट्रक परिवहन की तुलना में रेल परिवहन से चेरी की गुणवत्ता बरकरार रहने के कारण किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है।
- •किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और मुंबई के व्यापारियों को भी ताजा उत्पाद मिलने से लाभ हुआ है।
- •इस पहल से भारत में कृषि उत्पादों के परिवहन में एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है।
- •सरकार द्वारा ऐसी और पहलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि अन्य किसानों को भी इसका लाभ मिल सके।
जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए रेल परिवहन किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा है। पहले जहां पहाड़ी इलाकों में उगाई जाने वाली चेरी को मुंबई जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने में काफी मुश्किलें आती थीं, वहीं अब भारतीय रेलवे की मदद से यह संभव हो पाया है। हाल ही में पहली बार रेलवे द्वारा विशेष फ्रोजेन कार्गो सुविधा के जरिए जम्मू-कश्मीर की चेरी को सीधे मुंबई के बांद्रा टर्मिनस तक पहुंचाया गया है। इस पहल से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके उत्पादों की गुणवत्ता भी बरकरार रहने के कारण बाजार में उनकी मांग बढ़ गई है।
इस प्रक्रिया में भारतीय रेलवे ने किसानों और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया है। पहले जहां चेरी को ट्रक के माध्यम से भेजा जाता था, जिसमें सफर के दौरान फल खराब होने का खतरा रहता था, वहीं अब रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों के जरिए चेरी को सुरक्षित और ताजा रखा जा रहा है। मुंबई-बांद्रा मंडी में पहुंचने के बाद किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की व्यवस्था लंबे समय तक जारी रहती है, तो किसानों को और भी अधिक फायदा होगा।

