आगरा में सड़क पर नमाज़ के खिलाफ सख्त नियम, 6 जोन और 18 सेक्टर में विभाजित; 181 मस्जिदों और 2 ईदगाहों पर होगी निगरानी
मुख्य बातें
- •आगरा शहर को 6 जोन और 18 सेक्टर में विभाजित किया गया है।
- •कुल 181 मस्जिदों और 2 ईदगाहों को चिह्नित किया गया है जहां नमाज़ पढ़ने की अनुमति होगी।
- •सड़कों और फुटपाथों पर नमाज़ पढ़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
- •नगर निगम का कहना है कि यह नियम ट्रैफिक और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
- •मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन कुछ आशंकाएं भी व्यक्त की हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा करने को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। नगर आयुक्त इन्द्रवीर सिंह ने बताया कि शहर में कुल 6 जोन और 18 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें 181 मस्जिदों और 2 ईदगाहों की पहचान की गई है। इन स्थानों के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ट्रैफिक व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार सड़कों और फुटपाथों पर नमाज़ अदा करने से यातायात में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नियम लागू किया गया है।
आगरा के विभिन्न मोहल्लों में स्थित इन 181 मस्जिदों और 2 ईदगाहों को चिह्नित किया गया है, जहां नमाज़ पढ़ने की अनुमति होगी। इसके अलावा, अन्य स्थानों पर नमाज़ अदा करने वालों के खिलाफ पुलिस और नगर निगम की टीमें कार्रवाई करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि नमाज़ियों को इन निर्धारित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।




