सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन विवाद: विद्यार्थी को मिली दूसरी की उत्तर पुस्तिका, बोर्ड ने ली गंभीरता से

मुख्य बातें
- •हरियाणा के कक्षा 12वीं के विद्यार्थी वेदांत ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि पुनर्मूल्यांकन के बाद उन्हें किसी दूसरे छात्र की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका मिली।
- •सीबीएसई ने इस मामले को ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर लिया और इसकी जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया।
- •बोर्ड के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता स्वीकार की और कहा कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाएगी।
- •विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि तकनीकी उपायों जैसे डिजिटल सत्यापन का उपयोग पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में किया जाना चाहिए।
- •सीबीएसई द्वारा जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में एक गंभीर मामला सामने आया है। दरअसल, हरियाणा के एक छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन के बाद उसे किसी दूसरे छात्र की भौतिकी (फिजिक्स) की उत्तर पुस्तिका भेज दी गई। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सीबीएसई ने तुरंत इस मामले पर ध्यान दिया और इसे ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर रखते हुए इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है।
