सिलंबम कलारी: के. पजानिवेल की मार्शल आर्ट जो पीएम मोदी को भी खड़ा कर गई

मुख्य बातें
- •राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में पीएम मोदी के सामने सिलंबम प्रदर्शन किया गया।
- •के. पजानिवेल को मार्शल आर्ट के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- •सिलंबम तमिलनाडु की प्राचीन मार्शल आर्ट है, जिसका इतिहास लगभग 5,000 वर्ष पुराना बताया जाता है।
- •पजानिवेल ने 40 से अधिक वर्षों तक सिलंबम को संरक्षित और प्रचारित करने में अपना जीवन समर्पित किया है।
- •यूनेस्को ने पिछले वर्ष सिलंबम को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया था।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में भारतीय मार्शल आर्ट सिलंबम (Silambam) ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान तमिलनाडु के प्रसिद्ध सिलंबम गुरु के. पजानिवेल (K. Pajanivel) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के सामने अपनी कला का प्रदर्शन किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति देखकर पीएम मोदी खड़े हो गए, जिससे पूरा माहौल गौरवान्वित हो उठा।
के. पजानिवेल को इस वर्ष के पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें मार्शल आर्ट के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। उनके अलावा, धर्मेंद्र को भी मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, जिसे उनकी बेटी हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। यह समारोह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।






