मुजफ्फरपुर: सिविल कोर्ट के न्यायाधीश को पुलिस अधिकारी बन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला
मुख्य बातें
- •मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक शातिर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने सिविल कोर्ट के न्यायाधीश को पुलिस अधिकारी बनाकर 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
- •गिरोह के सदस्य राजेश कुमार (35 वर्ष) ने खुद को पुलिस अधीक्षक (एसपी) बताकर न्यायाधीश से रुपये की मांग की थी।
- •न्यायाधीश ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
- •पुलिस ने बताया कि राजेश कुमार लंबे समय से इस प्रकार की ठगी करता आ रहा था और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
मुजफ्फरपुर (बिहार)। बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एक शातिर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सिविल कोर्ट के एक न्यायाधीश से 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य ने खुद को मुजफ्फरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में पेश किया और न्यायाधीश से किसी केस के दाखिल-खारिज के बदले रुपये की मांग की। आरोपी ने फोन कॉल के माध्यम से न्यायाधीश से संपर्क किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि वह एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं।
न्यायाधीश ने भी आरोपी की बातों पर विश्वास कर लिया और उसे 2 लाख रुपये देने का निर्णय लिया। हालांकि, न्यायाधीश ने रुपये देने से पहले ही अपनी सतर्कता का परिचय देते हुए पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम राजेश कुमार (35 वर्ष) है, जो मुजफ्फरपुर के रहने वाला है।
