सूरत से प्रवासी मजदूरों का पलायन: क्या हैं कारण और क्या है सरकार की तैयारी?
मुख्य बातें
- •सूरत शहर से प्रवासी मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है, जिसके पीछे मुख्य कारण रोजगार की कमी और महंगाई हैं।
- •उद्योगों में सुस्ती और कोविड-19 महामारी के बाद से मजदूरों की स्थिति खराब हुई है।
- •सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बावजूद, मजदूरों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है।
- •सरकार प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास और रोजगार सृजन के लिए प्रयासरत है।
- •स्थानीय प्रशासन द्वारा मजदूरों की समस्याओं को सुनने और उनके निवारण के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
सूरत शहर, जो गुजरात का प्रमुख औद्योगिक केंद्र माना जाता है, पिछले कुछ समय से प्रवासी मजदूरों के पलायन का गवाह बन रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां काम करने वाले हजारों मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर लौट रहे हैं। इस पलायन के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से रोजगार की कमी, बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की कठिनाइयां शामिल हैं।
स्थानीय उद्योगों में सुस्ती आने के कारण कई फैक्ट्रियों और निर्माण स्थलों पर काम की कमी हो गई है। इससे मजदूरों को कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है या फिर नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के बाद से ही कई उद्योगों में मंदी का दौर चल रहा है, जिससे मजदूरों की स्थिति और भी खराब हो गई है। गुजरात सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बावजूद, मजदूरों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है।
