तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्य गान पर केंद्र से मांगा स्पष्टीकरण
मुख्य बातें
- •तमिलनाडु सरकार ने राज्य गान ‘तमिल थाई वाजhtu’ को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
- •मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गृह मंत्रालय को औपचारिक पत्र लिखकर जवाब तलब किया है।
- •राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा इस गीत को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश नहीं दिया गया है।
- •‘तमिल थाई वाजhtu’ को 1962 में राज्य गीत के रूप में मान्यता दी गई थी।
चेन्नई, 10 जुलाई 2024: तमिलनाडु सरकार ने राज्य के आधिकारिक गीत ‘तमिल थाई वाजhtu’ को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से जवाब तलब करते हुए गृह मंत्रालय को औपचारिक पत्र लिखा है। राज्य सरकार का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा इस गीत को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश नहीं दिया गया है, जिसके कारण इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि राज्य के विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में ‘तमिल थाई वाजhtu’ को गाया जाता रहा है, लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिला है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर स्पष्टता लाने के लिए केंद्र सरकार से लिखित जवाब मांगा है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार इस गीत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है और केंद्र सरकार से उचित मार्गदर्शन की अपेक्षा करती है।
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, ‘तमिल थाई वाजhtu’ तमिलनाडु का राज्य गीत है, जिसे 1962 में आधिकारिक मान्यता दी गई थी। यह गीत तमिल संस्कृति और पहचान का प्रतीक माना जाता है। राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा इस गीत को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है, लेकिन फिर भी इसे लेकर स्पष्टता की कमी महसूस की जा रही है। राज्य सरकार इस मुद्दे पर शीघ्रता से कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।
