दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्यों ने हिंदी पंचांग के अनुसार किया शस्त्र प्रशिक्षण पूर्ण
मुख्य बातें
- •दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्याओं ने वाराणसी में तीन महीने तक चलने वाले शस्त्र प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया
- •प्रशिक्षण में तलवार, लाठी और नियुद्ध जैसे हथियारों का अभ्यास शामिल था
- •शिविर का आयोजन बीएचयू परिसर में हुआ, जिसमें 120 महिला सदस्याओं ने भाग लिया
- •शिविर के समापन समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने सदस्याओं के प्रदर्शन की सराहना की
- •दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सरोज पांडेय ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा के प्रति सक्षम बनाना है
वाराणसी स्थित दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्याओं ने हिंदी पंचांग के अनुसार अपने वार्षिक शस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। इस वर्ष के प्रशिक्षण में तलवार, लाठी और नियुद्ध जैसे पारंपरिक हथियारों का अभ्यास शामिल था। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के परिसर में किया गया, जहां सदस्याओं को अनुभवी गुरुओं द्वारा निर्देशित किया गया।
प्रशिक्षण अवधि लगभग तीन महीने तक चली, जिसमें सदस्याओं को हथियारों के प्रयोग के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और रखरखाव के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस शिविर में कुल 120 महिला सदस्याओं ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश स्थानीय निवासी थीं। शिविर के समापन समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सदस्याओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल शारीरिक शक्ति का विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी बलवती होती है।
