टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बारासात जिला अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी के सामने नई चुनौती

मुख्य बातें
- •टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया, जिससे पार्टी में नई उथल-पुथल शुरू हुई।
- •काकोली ने अपने इस्तीफे पत्र में राजनीतिक पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को प्रमुख कारण बताया।
- •केंद्र सरकार ने उन्हें हाल ही में Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी, जो उनके राजनीतिक महत्व को दर्शाता है।
- •पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए फाल्टा उपचुनाव में बीजेपी ने टीएमसी को करारी शिकस्त दी है।
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक उठापटक के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात लोकसभा क्षेत्र के जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने राज्य में टीएमसी के भीतर नई उथल-पुथल पैदा कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, काकोली ने अपने इस्तीफे का पत्र पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया है, जिसमें उन्होंने राजनीतिक साफ-सफाई और जनता के प्रति जवाबदेही की कमी को प्रमुख कारण बताया है।
घोष ने अपने पत्र में लिखा है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में अपराध और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों से जनता में भय पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीति में पारदर्शिता, जिम्मेदारी, जवाबदेही और लोगों के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों को भी अपना इस्तीफा देने का कारण बताया। काकोली ने कहा कि चुनाव परिणाम उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे, इसलिए वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ रही हैं।






