तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: अंतिम दौर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़, राजनीतिक दल उठा रहे मुद्दे
मुख्य बातें
- •तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल को संपन्न होंगे, परिणाम 19 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।
- •डीएमके और एआईएडीएमके के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज, दोनों दलों ने विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए।
- •महिला मतदाताओं और युवाओं को लुभाने के लिए पार्टियों ने मुफ्त सिलाई मशीन, स्कूटी और रोजगार जैसे वादे किए।
- •चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं।
- •राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने कड़ी निगरानी बरती जा रही है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुके हैं, और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राज्य में कुल 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 6 अप्रैल को संपन्न होगा, जिसके बाद 19 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार चुनाव में सत्ताधारी द्रमुक (DMK) और प्रमुख विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (AIADMK) के साथ-साथ अन्य छोटे दलों और गठबंधनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
अंतिम चरण में प्रवेश के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में जनता का समर्थन जुटाने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। डीएमके ने जहां अपने पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का बखान किया है, वहीं एआईएडीएमके ने भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाते हुए जनता से बदलाव की अपील की है। इसके अलावा, दोनों प्रमुख दलों ने एक-दूसरे पर जातिवाद, परिवारवाद और विकास में कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उदाहरण के लिए, डीएमके पर आरोप लगाया गया है कि उसने अपने कार्यकाल में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नजरअंदाज किया है, जबकि एआईएडीएमके पर आरोप है कि उसने सरकार बनाते समय किए गए वादों को पूरा नहीं किया।
