तमिलनाडु राजनीति में बड़ा बदलाव: पलानीस्वामी गुट में लौटे 10 विधायक, अन्नाद्रमुक में बगावत का हुआ अंत
मुख्य बातें
- •तमिलनाडु के अन्नाद्रमुक में पलानीस्वामी गुट में लगभग 10 विधायकों ने वापसी की है, जिससे पार्टी में एकजुटता बढ़ने की संभावना है।
- •ओ. पन्नीरसेल्वम और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच 2021 में हुए मतभेदों के बाद दोनों गुट अलग हो गए थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।
- •पार्टी के महासचिव एस. रjegुपति ने विधायकों के वापस आने पर खुशी व्यक्त की है और कहा है कि पार्टी और मजबूत होगी।
- •राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राज्य में आने वाले चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
- •विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं, लेकिन अन्नाद्रमुक नेताओं ने पार्टी में पूरी तरह से एकजुटता होने का दावा किया है।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) और एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के बीच चले राजनीतिक मतभेदों के बाद, अब पलानीस्वामी गुट में बगावत का दौर लगभग खत्म हो गया है। सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के लगभग 10 असंतुष्ट विधायकों ने पलानीस्वामी गुट में फिर से शामिल होने का फैसला किया है। इससे पार्टी में एकजुटता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब 2021 में पलानीस्वामी और ओपीएस के बीच पार्टी की कमान को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए थे। इसके बाद दोनों गुट अलग-अलग हो गए थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में पार्टी नेतृत्व ने दोनों गुटों को एकजुट करने के प्रयास तेज कर दिए थे। अब इन विधायकों के वापस आने से पार्टी में स्थिरता आने की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि इन विधायकों ने पलानीस्वामी गुट में वापसी करते हुए पार्टी के निर्णयों का समर्थन करने का फैसला किया है।




