तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर टीवीके के बहुमत पर गतिरोध बना हुआ
मुख्य बातें
- •तमिलनाडु में टीवीके ने सरकार बनाने के लिए बहुमत साबित करने का दावा किया, लेकिन राज्यपाल ने इसे स्वीकार नहीं किया।
- •राज्यपाल ने टीवीके के बहुमत प्रमाण पत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष से औपचारिक प्रमाण पत्र मांगा है।
- •टीवीके के पास 12 विधायक हैं, जबकि डीएमके के पास 137 विधायक हैं, जिससे बहुमत को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है।
- •राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है यदि राज्यपाल टीवीके के खिलाफ फैसला सुनाते हैं।
तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक उठापटक में लगातार गतिरोध बना हुआ है। हाल ही में डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) से अलग होकर टीवीके (तमिलनाडु मक्कल कांग्रेस) के रूप में नई पार्टी बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाली टीवीके ने बहुमत साबित करने का दावा किया है। हालांकि, राज्यपाल आर.एन. रवि ने इस दावे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिससे सरकार गठन की प्रक्रिया में रुकावट आ गई है। राज्यपाल के इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
राज्यपाल रवि ने टीवीके के बहुमत के दावे की पुष्टि के लिए विधानसभा अध्यक्ष से औपचारिक प्रमाण पत्र मांगा है। विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावू ने बताया कि टीवीके के पास 12 विधायक हैं, जबकि डीएमके के पास 137 विधायक हैं। ऐसे में टीवीके के बहुमत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। टीवीके का दावा है कि उसने डीएमके से अलग होकर नई पार्टी बनाई है और अब उसके पास बहुमत है। हालांकि, राज्यपाल ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया और कहा कि जब तक विधानसभा अध्यक्ष से प्रमाण पत्र नहीं मिलता, तब तक बहुमत पर निर्णय नहीं लिया जा सकता।




