कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते राहुल गांधी: 'दलित राजनीति का क्षरण किधर से हुआ?'

मुख्य बातें
- •राहुल गांधी ने कांग्रेस की नीतियों को दलित राजनीति के क्षरण के लिए जिम्मेदार ठहराया।
- •उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले सही कदम उठाए होते तो दलित आज मुख्यधारा से दूर नहीं होते।
- •जाति आधारित क्षेत्रीय दलों जैसे बसपा, सपा और राजद को मिल रही है सफलता, कांग्रेस के भीतर दलित नेताओं को मिला कम प्रतिनिधित्व।
- •राहुल गांधी के बयान ने पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा की है।
- •राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को दलित और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी।
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2024 — लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दलित राजनीति के क्षरण पर कांग्रेस पार्टी की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले सही कदम उठाए होते तो दलित समुदाय आज भी मुख्यधारा से दूर नहीं होता। राहुल गांधी के इस बयान ने पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस को दलितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर दलित नेताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिले, जिससे जाति आधारित क्षेत्रीय दलों को मजबूती मिली। उनका कहना था कि अगर कांग्रेस ने समय रहते अपने भीतर सुधार किया होता, तो आज दलित राजनीति का चेहरा अलग होता।






