सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर NGO की याचिका सुनने से किया इनकार, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जाने की सलाह दी

मुख्य बातें
- •सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर एक एनजीओ की याचिका सुनने से इनकार कर दिया है।
- •अदालत ने एनजीओ को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है।
- •एनजीओ ने कहा है कि वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जाने के लिए तैयार हैं।
- •सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मतलब यह है कि आवारा कुत्तों पर दिये गए फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें आवारा कुत्तों पर एक एनजीओ की याचिका सुनने से इनकार कर दिया है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी, जिसमें आवारा कुत्तों पर दिये गए फैसले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया और एनजीओ को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एनजीओ को पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अपनी याचिका दायर करनी चाहिए और अगर वहां से उन्हें राहत नहीं मिलती है, तो वे सुप्रीम कोर्ट में आकर अपनी याचिका दायर कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से साफ है कि अदालत ने आवारा कुत्तों पर दिये गए अपने फैसले पर कोई बदलाव करने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एनजीओ ने कहा है कि वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट जाने के लिए तैयार हैं और वहां अपनी याचिका दायर करेंगे। एनजीओ का कहना है कि वे आवारा कुत्तों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहेंगे और उनके लिए न्याय पाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
