सीबीएसई विवाद पर राहुल गांधी की आलोचना को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कड़ा बयान

मुख्य बातें
- •केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सीबीएसई विवाद पर राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताया।
- •रिजिजू ने एक्स पोस्ट में लिखा कि बिना सबूत के आरोप लगाना केवल पाखंड को उजागर करता है।
- •उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि कांग्रेस शासित संस्थाओं ने संदिग्ध कंपनी के साथ काम क्यों किया?
- •रिजिजू ने दस्तावेजी सबूतों का हवाला देते हुए कहा कि कई विश्वविद्यालयों ने कंपनी के साथ समझौते किए।
नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार, 28 मई 2026 को लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा सीबीएसई विवाद को लेकर उठाए गए आरोपों पर तीखा प्रतिक्रिया व्यक्त की। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के मनमाने आरोप लगाने से केवल उनके अपने पाखंड का ही पर्दाफाश होता है। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा, "राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के लगाए गए मनमाने आरोप सिर्फ उनके अपने पाखंड को ही उजागर करते हैं।"
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी आज 'कोएंप्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड' पर हमला कर रहे हैं, लेकिन यदि यह कंपनी वास्तव में संदिग्ध थी, तो कांग्रेस सरकारों के अधीन काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसके साथ काम करना क्यों जारी रखा? उन्होंने लिखा, "आज वह कोएंप्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड (Coempt Eduteck Pvt. Ltd.) पर हमला कर रहे हैं, लेकिन अगर यह कंपनी सचमुच दागदार थी, तो कांग्रेस सरकारों के अधीन काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसके साथ काम करना क्यों जारी रखा?"






