भोपाल : पूर्व जिला जज की बहू की संदिग्ध मौत का मामला, तीन अदालतों में आज अहम सुनवाई

मुख्य बातें
- •सोमवार, 25 मई 2026 को तीन अदालतों (सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, भोपाल जिला अदालत) में दिव्या शर्मा मामले की सुनवाई
- •सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच संस्थागत पक्षपात और पुलिस- अस्पताल की भूमिका की जांच करेगी
- •मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कराने की याचिका पर सुनवाई, इसे राज्य शासन और दिव्या शर्मा के पिता ने दायर किया
- •भोपाल जिला अदालत में 12-20 मई की कॉल डिटेल और एम्स के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने संबंधी आवेदन पर सुनवाई
- •रविवार को दिल्ली एम्स द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम, भोपाल में अंतिम संस्कार किया गया
भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू दिव्या शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब न्यायिक लड़ाई के निर्णायक दौर में पहुँच चुका है। सोमवार, 25 मई 2026 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल की जिला अदालत— तीनों जगहों पर एक साथ महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। अगले 24 घंटे इस केस की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। पूरे प्रदेश की नजरें इसी पर टिकी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच संस्थागत पक्षपात, जांच प्रक्रिया और पुलिस एवं अस्पताल की भूमिका को लेकर सुनवाई करेगी। इस सुनवाई के माध्यम से शीर्ष अदालत इस पूरे प्रकरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास करेगी। वहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कराने की मांग पर सुनवाई होगी। यह याचिका राज्य शासन और दिव्या शर्मा के पिता द्वारा दायर की गई है। हाईकोर्ट के समक्ष यह प्रस्तुत किया जाएगा कि क्या गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी गई थी और क्या उसे निरस्त किया जाना चाहिए।
