मथुरा में विवादित 'फरसा बाबा' की मृत्यु पर उठे सवाल, अखिलेश यादव पहुंचे ईदगाह, एलएसजी टीम रामलला दरबार पहुंची
मुख्य बातें
- •बाबा रामदास, जिन्हें 'फरसा बाबा' के नाम से जाना जाता था, की 12 जुलाई 2024 को मथुरा में मृत्यु हुई।
- •बाबा की मृत्यु के कारणों पर विवाद उत्पन्न हुआ, उनके अनुयायियों ने पुलिस से जांच की मांग की।
- •अखिलेश यादव ने मथुरा स्थित ईदगाह पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और शांति की अपील की।
- •एलएसजी टीम रामलला दरबार पहुंची और मंदिर सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था पर चर्चा की।
मथुरा में स्थित प्रसिद्ध 'फरसा बाबा' के नाम से मशहूर बाबा की मृत्यु के बाद उत्पन्न हुए विवाद ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाबा की मृत्यु 12 जुलाई 2024 की सुबह हुई थी, जिसके बाद उनके अनुयायियों ने संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से मामले की जांच की मांग की है। बाबा की पहचान बाबा रामदास के रूप में की गई है, जो मथुरा के निकट स्थित एक मंदिर में रहते थे और अपने अनोखे 'फरसा' (कुल्हाड़ी) धारण करने के लिए जाने जाते थे। उनकी मृत्यु के कारणों पर अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन अफवाहों के बीच पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताया है।
इस घटना से जुड़े राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिल रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मथुरा स्थित ईदगाह पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की। वहीं, दूसरी ओर, लखनऊ स्थित राज्य सरकार की टीम (एलएसजी) रामलला दरबार पहुंची और मंदिर प्रशासन से मामले पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि टीम ने मंदिर सुरक्षा और स्थानीय कानून व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।
