यूपीएससी प्रीलिम्स 2026: जीएस पेपर-1 में आए बदलाव, विश्लेषण क्षमता की बढ़ी परीक्षा

मुख्य बातें
- •यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 के जीएस पेपर-1 में व्यावहारिक स्थितियों और निर्णय क्षमता आधारित सवालों की संख्या बढ़ी।
- •इतिहास और कला एवं संस्कृति से 20, अर्थशास्त्र से 19, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से 18, भूगोल से 13, पर्यावरण से 11 और विविध विषयों से 11 प्रश्न पूछे गए।
- •राजनीति एवं शासन जैसे महत्वपूर्ण विषय से केवल 8 प्रश्न शामिल होने पर कई उम्मीदवारों को आश्चर्य हुआ।
- •परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति और QR कोड आधारित एडमिट कार्ड जांच प्रणाली लागू की गई।
- •आंसर-की अब पूरी भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही जारी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 24 मई, 2025 को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के जीएस पेपर-1 में अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों के बीच काफी चर्चा हो रही है। इस वर्ष के पेपर को कई उम्मीदवारों ने परंपरागत पैटर्न से अलग बताया है। जहां पहले अधिकतर प्रश्न तथ्यों पर आधारित होते थे, वहीं इस बार पेपर में व्यावहारिक स्थितियों, निर्णय क्षमता और समझ पर आधारित सवालों की संख्या बढ़ गई है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर का कुछ हिस्सा मुख्य परीक्षा के नैतिकता पेपर (एथिक्स) जैसा महसूस हुआ। इस बदलाव के कारण उम्मीदवारों को अपनी रणनीति में भी परिवर्तन करना पड़ा है।
