वडोदरा पुल हादसा: 28 दिन बाद उठाया गया फंसा टैंकर, नौसैनिक तकनीक से किया गया बचाव
मुख्य बातें
- •अगस्त को वडोदरा में पुल के टूटने के बाद टैंकर 28 दिनों तक फंसा रहा।
- •'मरीन बलून टेक्निक' का उपयोग करके टैंकर को सफलतापूर्वक निकाला गया।
- •गुजरात सरकार, NDRF और अन्य विभागों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया।
- •पुल के पुनर्निर्माण में कई महीनों का समय लग सकता है।
गुजरात के वडोदरा में बीते 28 दिनों से पुल के टूटे हिस्से में फंसा एक टैंकर आखिरकार शनिवार को सफलतापूर्वक निकाला गया। यह घटना 21 अगस्त को तब हुई थी जब एक टैंकर पुल के कमजोर हिस्से पर चढ़ गया था, जिसके बाद पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। इस हादसे में पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान को अंजाम दिया। अफसरों ने बताया कि टैंकर को निकालने के लिए 'मरीन बलून टेक्निक' का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक में पानी के भीतर गुब्बारों की मदद से टैंकर को ऊपर उठाया जाता है। यह प्रक्रिया लंबी और जटिल थी, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात काम किया। टैंकर को निकालने के दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती गई।
इस पूरे घटनाक्रम में गुजरात सरकार, पुलिस, अग्निशमन दल, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि टैंकर निकालने के बाद पुल के पुनर्निर्माण का काम शुरू किया जाएगा, जिसमें कई महीनों का समय लग सकता है। इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन पुल के क्षतिग्रस्त होने से शहर के यातायात पर गहरा असर पड़ा था।
