पश्चिम बंगाल में बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध: क्या है पूरा मामला और सऊदी अरब के नियम?

मुख्य बातें
- •पश्चिम बंगाल सरकार ने पशु-धन संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2024 के तहत बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाया।
- •कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सरकार के इस फैसले को बरकरार रखा और इसे पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने का कदम बताया।
- •कई मुस्लिम संगठनों ने इस प्रतिबंध का विरोध किया, जबकि कुछ अन्य समूहों ने इसका समर्थन किया।
- •सऊदी अरब में कुर्बानी के दौरान पशुओं की उम्र, स्वास्थ्य और तरीके पर विशेष नियम लागू होते हैं।
पश्चिम बंगाल में बीते दिनों धर्म और पशु अधिकार से जुड़े एक अहम फैसले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है। राज्य में हाल ही में सत्ता में आई बीजेपी सरकार ने बकरीद के दौरान गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले को लेकर विवाद उठा, जिसके बाद मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा। न्यायालय ने सरकार के इस फैसले को सही ठहराते हुए इसे बरकरार रखा है।
बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला पश्चिम बंगाल पशु-धन संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2024 के तहत लिया गया है। सरकार का तर्क है कि यह कदम राज्य में पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकने और उनकी रक्षा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का कहना है कि गाय को धर्म विशेष से जोड़कर देखे जाने के बजाय, राज्य में सभी पशुओं के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। इस फैसले के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया है, जबकि कुछ अन्य धार्मिक समूहों ने इसका समर्थन किया है।






