थायराइड बीमारी के मिथक और सच: जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

मुख्य बातें
- •थायराइड ग्रंथि गले में स्थित होती है और भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करती है।
- •थायराइड दो प्रकार का होता है: हाइपोथायरायडिज्म (कम हार्मोन) और हाइपरथायरायडिज्म (अत्यधिक हार्मोन)।
- •भारत में लगभग 4.2 करोड़ लोग थायराइड से पीड़ित हैं, इसके पीछे जेनेटिक, आयोडीन असंतुलन और स्वप्रतिरक्षी रोग जैसे कारण हैं।
- •थायराइड केवल महिलाओं की बीमारी नहीं है; पुरुष और बच्चे भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
- •सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित चिकित्सा जांच से थायराइड को नियंत्रित किया जा सकता है।
हर साल 25 मई को मनाए जाने वाले विश्व थायराइड दिवस (World Thyroid Day) का मुख्य उद्देश्य लोगों को थायराइड ग्रंथि से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। थायराइड हमारे शरीर की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो गले में मौजूद होती है और भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में मदद करती है। हालांकि, इस बीमारी के प्रति लोगों में कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं, जैसे कि इसे केवल महिलाओं की बीमारी मानना या इसे जीवन भर चलने वाली बीमारी समझना। विशेषज्ञों का कहना है कि थायराइड दो प्रकार का होता है: हाइपोथायरायडिज्म (कम हार्मोन बनना) और हाइपरथायरायडिज्म (अत्यधिक हार्मोन बनना)। दोनों ही स्थितियां शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।






