सुप्रीम कोर्ट ने 14,000 करोड़ रुपये के हाउसिंग घोटाले पर केंद्र, RBI और ED से मांगा जवाब
मुख्य बातें
- •सुप्रीम कोर्ट ने 14,000 करोड़ रुपये के हाउसिंग घोटाले मामले में केंद्र सरकार, RBI और ED से जवाब तलब किया है।
- •कोर्ट ने 10 जुलाई तक का समय दिया है और मामले में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही है।
- •इस मामले की शुरुआत 2019 में हुई थी जब बिल्डरों पर ग्राहकों के धन का दुरुपयोग करने के आरोप लगे थे।
- •ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया था और कई बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की है।
- •प्रमुख आरोपियों में अमरावती ग्रुप, डीएस कंस्ट्रक्शन जैसे बिल्डर शामिल हैं, जिन्होंने ग्राहकों से लिए गए धन का दुरुपयोग किया।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे बड़े हाउसिंग घोटाले में 14,000 करोड़ रुपये से संबंधित मामले पर कड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब तलब किया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में जवाबी कार्रवाई के लिए 10 जुलाई तक का समय दिया है। इस घोटाले से जुड़े विवादित बैंकों और वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी जब कई बैंकों ने आवासीय परियोजनाओं में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। आरोप लगाया गया कि कुछ बिल्डरों ने ग्राहकों से लिए गए धन का उपयोग अन्य गतिविधियों में किया, जिससे लाखों लोगों के पैसे डूब गए। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में जांच शुरू की थी। ED ने आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया था।
