मध्य प्रदेश के दतिया में प्रेम, कर्ज और धोखे की दुखद कहानी: 47 दिन के अंतराल पर दोनों प्रेमियों ने लिया जीवन; सुसाइड नोट से खुला नया मोड़

मुख्य बातें
- •मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र में प्रेमियों ममता दोहरे और मोनू सेंगर ने क्रमशः 3 अप्रैल और 20 मई को आत्महत्या कर ली।
- •ममता ने फांसी लगाई, जबकि मोनू ने जहर खाकर जान दी; दोनों के बीच प्रेम संबंध थे, जो बाद में विवाद में बदल गए।
- •मोनू के सुसाइड नोट में अरविंद सिंह राजावत पर 6 लाख रुपए देने से इनकार करने का आरोप लगाया गया है, जिससे जमीन सौदे और कर्ज चुकाने का विवाद सामने आया।
- •पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और जमीन लेन-देन, पैसों के लेन-देन तथा दोनों मौतों को आपस में जोड़कर हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र की एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक ऐसी प्रेम कहानी का दुखद अंत हुआ, जिसने दो परिवारों को जीवन भर के लिए टूटे दिलों का सामना करने पर मजबूर कर दिया। 3 अप्रैल की रात भांडेर तहसील के ग्राम तिघरा खिरिया निवासी 45 वर्षीय ममता दोहरे ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ठीक 47 दिन बाद, 20 मई को, उसी मोहल्ले के निवासी मोनू सेंगर ने जहर खाकर अपनी जान ले ली। इस घटनाक्रम ने जहां एक तरफ प्रेमियों के बीच के गहरे संबंधों को उजागर किया, वहीं दूसरी तरफ एक सुसाइड नोट ने इस मामले को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिसमें बाहरी व्यक्ति अरविंद सिंह राजावत को इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।






